top of page

चिड़िया

आज देखा मैंने..

दो चिड़िया पानी पी रही थी.,

एक बाज की..

उन पर आंख गढ़ी थी.,


अभी अभी तो

बस

उड़ान भरी थी.,


कंठ शीतल कर

मन तृप्त कर

पंखों को जैसे फैलाया.,

बाज ने देखा

और फिर आसमान से

गोता लगाया.,


भर पंजों में

उड़ चला वो..

अपनी भूख मिटा लेने को.,

मैं चिल्लाया बचा लेने को........

Recent Posts

See All

Comments


Shayar Malang

मस्त हूँ ... मलंग हूँ ... फक्कड भी ..,

ईश्किया हूँ ... दिवाना हूँ ... घुमक्कड़ भी ...

मेरे शब्द सिर्फ शब्द भर नहीं हैं ..!!

These Are Not Only Words . . .     These Are Feelings . . .

shayarmalang.png

WEEKLY NEWSLETTER 

Thanks for submitting!

© 2021 Shayar Malang.

bottom of page